COPYRIGHT © Rajiv Mani, Journalist, Patna

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बुधवार, 8 मार्च 2017

सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगी

नई दिल्ली : केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया हुआ है जिससे कि अल्पसंख्यकों सहित समाज के सभी तबकों को सस्ती, सुलभ गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके। नई दिल्ली में “माइनॉरिटी कम्युनिटी टीचर्स एसोसिएशन” के नेशनल सेमिनार को सम्बोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगा। तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे। एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है और जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी और हमारी कोशिश होगी कि यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है। 
श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय का पूरा जोर इस बात पर है कि अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ उन्हें विभिन्न कौशल ट्रेनिंग भी दी जाये, जिससे छात्र रोजगार के योग्य हो सकें। अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा दिलाने और बेहतर रोजगारपरक ट्रेनिंग देने के लिए मंत्रालय विभिन्न योजनाएं चला रहा है। 
श्री नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ाकर 4195.48 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रुपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रुपए (9.6 प्रतिशत की वृद्धि) अधिक है। श्री नकवी ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। 
श्री नकवी ने कहा कि इसबार बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा धन अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं कौशल विकास, रोजगारपरक ट्रेनिंग पर खर्च किया जायेगा। बजट का बड़ा भाग विभिन्न स्कालरशिप, फेलोशिप और कौशल विकास की योजनाओं जैसे ‘सीखो और कमाओ’, ‘नई मंजिल’, ‘नई रौशनी’, ‘उस्ताद’, ‘गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र’, ‘बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप’ पर खर्च किये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत भी शैक्षिक विकास की गतिविधियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर धन खर्च किया जायेगा। 
मेरिट-कम-मीन्स स्कालरशिप पर 393.5 करोड़ रुपए, प्री-मेट्रिक स्कालरशिप पर 950 करोड़ रुपए, पोस्ट-मेट्रिक स्कालरशिप पर 550 करोड़ रुपए, ‘सीखो और कमाओ’ पर पिछले साल के मुकाबले 40 करोड़ रुपए की वृद्धि के साथ 250 करोड़ रुपए, ‘नई मंजिल’ पर 56 करोड़ रुपए की वृद्धि के साथ 176 करोड़ रुपए, मौलाना आजाद फेलोशिप स्कीम पर 100 करोड़ रुपए खर्च किये जाने का प्रावधान है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए 113 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री नकवी ने कहा कि 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा छात्रों को विभिन्न स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके अलावा 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार परक ट्रेनिंग दी जाएगी। 
श्री नकवी ने कहा कि 16 से ज्यादा ‘‘गुरुकुल’’ प्रकार के आवासीय स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही जो मदरसें मुख्यधारा की शिक्षा भी दे रहे हैं, उन्हें भी मदद दी जारी रही है। अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे केंद्र सरकार के प्रयासों में गरीब नवाज स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करना, छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल स्कालरशिप करना एवं 500 से ज्यादा उच्च शैक्षिक मानकों से भरपूर आवासीय विद्यालय एवं रोजगार परक कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।
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