COPYRIGHT © Rajiv Mani, Journalist, Patna

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बुधवार, 1 मार्च 2017

जनजातियों को हर हाल में लाभ मिले : राज्यपाल

 संक्षिप्त खबरें 
रांची : राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनजातियों के विकास हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं का लाभ उन्हें हर हाल में मिलनी चाहिए। इस निमित्त उन्होंने जनजातियों को जागरुक होने हेतु कहा। राज्यपाल ने गिरिडीह में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा। राज्यपाल ने इस अवसर पर जनजातीय समाज को शिक्षा के प्रति जागरुक होने हेतु कहा। उन्होंने समाज के विकास हेतु इसे अत्यावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समाज को विकास की ओर अग्रसर होना है, तो उन्हें शिक्षा का मार्ग अपनाना होगा। उन्हें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा। इस अवसर पर कल्याण मंत्री डाॅ. लुईस मरांडी, सांसद रवीन्द्र नाथ पांडेय, विधायक निर्भय शाहबादी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

‘योजनाओं का तीव्र गति से कार्यान्वयन हो’

रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि लोगों के कल्याणार्थ केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का कार्यान्वयन तीव्र गति से हो, इसके लिए सभी तत्परता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनता को उनका यथोचित लाभ सुगमतापूर्वक मिले, इस हेतु  निरंतर अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की निरंतर समीक्षा की जानी चाहिए। जिस योजना के कार्यान्वयन में हम पीछे हैं, उस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही योजना से वंचित लोगों की शिकायतों की समीक्षा करनी चाहिए। राज्यपाल राज भवन में आदिम जनजातियों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रही थी। इस अवसर पर मंत्री, कल्याण एवं समाज कल्याण विभाग डाॅ. लुईस मरांडी, विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव, योजना एवं विŸा विभाग अमित खरे, राज्यपाल के प्रधान सचिव एस. के. शतपथी, प्रधान सचिव, समाज कल्याण मुखमीत सिंह भाटिया, कल्याण सचिव हिमानी पाण्डेय, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा अजय सिंह, सचिव, प्राथमिक, माध्यमिक एवं साक्षरता अराधना पटनायक समेत अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
राज्यपाल महोदया ने इस अवसर पर कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वहां की छात्राओं के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाय। उन्होंने विद्यालय परिसर की चारदिवारी और उसके दिवार की ऊंचाई पर भी ध्यान देने हेतु कहा। सुरक्षा हेतु महिला होमगाॅर्ड की प्रतिनियुक्ति के सुझाव का उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने विद्यालय में खेल के मैदान तथा संगीत शिक्षक की उपलब्धता हेतु भी पहल करने को कहा। राज्यपाल महोदया ने बैठक में वृद्धाश्रम व अनाथालय के संचालन के लिए एक बेहतर नीति-निर्माण हेतु कहा और उचित प्रबंधन की ओर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। इस दिशा में स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यों का आकलन भी होनी चाहिये। 
राज्यपाल ने अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं के तीव्र कार्यान्वयन की दिशा में यह ध्यान देने हेतु भी कहा कि जिस राज्य में इन योजनाओं का बेहतर और अधिक सफल कार्यान्वयन हो रहा है, वहां की नीतियों व कार्यपद्धति को भी देखा जा सकता है। उन्होंने आदिम जनजातियों हेतु संचालित विद्यालयों की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यालय के संचालन हेतु एनजीओ पर निर्भरता की समीक्षा करनी होगी। उन्होंने कौशल विकास की समीक्षा करते हुए कहा कि लोगों का किस क्षेत्र में रूझान है, इसे प्रशिक्षण हेतु ध्यान में रखा जाना चाहिये जिससे वे बेहतर कर सकें और उन्हंें रोजगार प्राप्त हो सकें। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु संचालित छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा कि अधूरे निर्मित छात्रावास को शीघ्र पूर्ण किया जाय। छात्रावासों की मरम्मति की ओर भी ध्यान देने हेतु कहा। साथ ही वहां वार्डन/मेट्राॅन की उपलब्धता हेतु भी कहा।
राज्यपाल महोदया ने मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी लाभुकों को उनका वाजिब हक़ मिले, इस ओर विशेष ध्यान देना होगा। शिकायतों के निबटारा की ओर ध्यान दें। इसके अतिरिक्त उन्होंने वनाधिकार योजना, प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृŸिा योजना, साईकल वितरण योजना, पोषाक वितरण योजना, मुख्यमंत्री जनजाति ग्राम योजना, वन बंधु कल्याण योजना, सरना फेन्सिंग/मांझी धुमकुड़िया योजना, अनुसूचित जनजाति/जाति के किसानों के लिए माइक्रो सिंचाई योजना, लाईवलीवुड प्रमोशन कार्यक्रम आदि की समीक्षा की।
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