COPYRIGHT © Rajiv Mani, Journalist, Patna

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बुधवार, 26 अक्तूबर 2016

कुख्यात उग्रवादी मंटु खैरा की गिरफ्तारी पर अब 50 हजार के बदले एक लाख रुपए की इनाम

 संक्षिप्त खबरें 
पटना : गृह (आरक्षी) विभाग ने जानकारी दी है कि पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना से प्राप्त निदेशालोक में नक्सली कांडों में फरार कुख्यात उग्रवादी अपराधी मंटू खैरा, पे. - लखन खैरा उर्फ लक्ष्मण खैरा, बनगामा, थाना - बेलहर, जिला - बांका की गिरफ्तारी पर पूर्व से घोषित पुरस्कार राशि में वृद्धि करते हुए 50 हजार रुपए के बदले 1 लाख रुपए इनाम में दिए जाएंगे। प्राप्त सूचनानुसार घोषित पुरस्कार की राशि की बैधता अवधि 2 (दो) वर्षों की होगी। कोई भी व्यक्ति जो फरार उग्रवादी/अपराधी को गिरफ्तार कराने या फरार अपराध कर्मियों के संबंध में सूचना देकर उनकी गिरफ्तारी में सहयोग प्रदान करेंगें, पुरस्कार के हकदार होंगे।
फरार अपराधी की गिरफ्तारी में एक से अधिक व्यक्ति की सहायता मिलने पर पुरस्कार की राशि पुरस्कार के हकदार व्यक्ति के बीच इस अनुपात में वितरित होगा, जैसा कि पुलिस महानिदेशक, बिहार, पटना निर्धारित करेंगे। किसी भी स्थिति में अधिकतम 100 (एक सौ) फरार उग्रवादी अपराधी की गिरफ्तारी हेतु ही पुरस्कार की घोषण लागू रहेगी। इसका पूर्ण दायित्व पुलिस महानिदेशक, बिहार की होगा। ज्ञातव्य है कि उक्त कुख्यात उग्रवादी मंटु खैरा पांच नक्सली कांडो में फरार है।

झारखंड के छऊ कलाकारों ने पीएम को किया मंत्रमुग्ध 

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने झारखंड प्रवास के दौरान छऊ का मुखौटा तो धारण कर ही चुके थे, अब छऊ के संपूर्ण साक्षात्कार ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी उत्सव के उदघाटन समारोह के दौरान जब झारखंड के कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति शुरू की, तो प्रधानमंत्री के चेहरे पर बरबस मुस्कराहट उभर आई और यह मुस्कराहट पूरी प्रस्तुति के दौरान कायम रही। खचाखच भरे स्टेडियम में छऊ प्रस्तुति के दौरान लगातार गूंज रही तालियों की गड़गड़ाहट भी इसकी उत्कृष्टता पर मुहर लगा रही थी और तालियों की इस गूंज में प्रधानमंत्री नरेंद्र समेत तमाम सम्मानित मंचासीन अतिथियों की तालियां भी शामिल थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि जीजिविषा के साथ संघर्ष के दौरान भी मुस्कुराने और बिना शिकायत मुश्किलों से अनवरत लड़ने का गुर अगर किसी के पास है, तो वो है जनजातीय समुदाय। आदिवासियों से बेहतर जीवन जीने का गुर हमें कोई और नहीं सिखा सकता। इस अवसर पर झारखंड समेत देश भर से आये जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया।
झारखंड से इस उत्सव में भाग लेने पहुंचे 140 कलाकारों ने मर्दाना झूमर और छऊ  नृत्य पेश किया। उत्सव की खास बात ये है कि देश भर से आये सभी कलाकारों के परिधान झारक्राफ्ट ने तैयार किये। झारखंड के कला संस्कृति विभाग की तरफ से इस उत्सव में सात नृत्य कलाओं के माहिर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। कला संस्कृति विभाग के निदेशक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड के कलाकार इस आदिवासी उत्सव में अपनी कला की प्रस्तुति को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड से संथाली, नागपुरी, पाइका, मुंडारी, छऊ, खड़िया और कड़सा नृत्य के कलाकार यहां पहुंचे हैं। राष्ट्रीय आदिवासी उत्सव 2016 में देश भर से कुल 3000 आदिवासी कलाकार भाग ले रहे हैं। 26-28 अक्टूबर तक होने वाले इस उत्सव में झारखंड के नृत्य के साथ यहां के पारंपरिक परिधानों और व्यंजनों की भी प्रदर्शनी लगायी गई है।

स्त्री-पुरुष सभी भाषा और संस्कृति को समृद्ध करें : राज्यपाल

जमशेदपुर : सिदगोड़ा टाउन हाॅल में आयोजित अखिल भारतीय संथाली लेखक संघ के 29वें वार्षिक अधिवेषन में बतौर मुख्य अतिथि माननीया राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति को समृद्ध बनाने के लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा, भले ही सरकारें अपने स्तर पर विभिन्न भाषाओं के संरक्षण के लिए कार्यरत हों, पर भाषा और संस्कृति सामाजिक विषय हैं, इसलिए हर समाज को अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करते हुए इनके संवर्धन हेतु सतत प्रयास करना चाहिए।
सभा स्थल पर राज्यपाल के आगमन पर आदिवासी रीति रिवाज से भव्य स्वागत किया गया तथा संथाली समाज के विभिन्न प्रबुद्धजनों द्वारा पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने पंडित रघुनाथ मुर्मू के चित्र के समक्ष नमन किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा, सिद्धो-कान्हु समेत झारखंड के तमाम ऐसे शहीदों एवं महापुरुषों के अलावा अनेकों जनजातीय साहित्यकारों का भी देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस मौके पर उन्हांेने संथाली लेखक संघ द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया तथा संथाली भाषा के अंतर्गत साहित्य एकाडमी पुरस्कार प्राप्त लेखकों को शाॅल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में रविलाल टुडू, ताला टुडू, कुहु दुलार हांसदा, परिमल हांसदा शामिल हैं। जबकि संथाली लेखक संघ की तरफ से जयराम टुडू, गोविन्द चन्द्र मांझी, बाबूलाल टुडू, मानसिंह मांझी, जोबा मांझी तथा मोहन चन्द्र बास्के को सम्मानित किया गया।

सभी के लिए कानून एक समान : मुख्यमंत्री

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि चाहे मुख्यमंत्री हो या कोई पुलिस अधिकारी, सभी के लिए कानून एक समान है। कानून का पालन करना सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि खुद हेलमेट पहने और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निदेश दिया कि पुलिस प्रशासन भी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। वो स्वयं हेलमेट और सीट बेल्ट पहनें, जो नहीं पहनते हैं, उन्हंे दंडित करें। हेलमेट और सीट बेल्ट की आदत डालें। इसे फैशन या इगो न बनायें। जिंदगी बहुत कीमती है, इसे बचायें। उक्त बातें उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित यातायात पुलिस द्वारा हेलमेट वीक कार्यक्रम के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहीं।
श्री दास ने कहा कि किसी भी अभियान को तभी सफल बनाया जा सकता है, जब उसमें जनसहभागिता सुनिश्चित हो। उन्होंने यातायात पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि लोगांे को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि आये दिन सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत की खबर आती है। इसके बाद हेलमेट या सीट बेल्ट की उपयोगिता समझते हैं। ऐसा नहीं होने दें। छठ के बाद इस कानून का और कड़ाई से पालन होगा। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा झारखंड बनाना है कि बाहर से आनेवाले भी कहें कि झारखंड के नागरिक कानून का पालन करने वाले लोग हैं। कानून का पालन करने के लिए जोर जबरदस्ती नहीं करनी पड़ती है। कार्यक्रम में लोगों के बीच हेलमेट का वितरण किया गया।

झारखंड में पुलिस खेल एकेडमी की स्थापना होगी

रांची : झारखंड सरकार पुलिस खेल एकेडमी की स्थापना करेगी। खिलाड़ियों को पुलिस में सीधी नियुक्ति के अलावा आउट आॅफ टर्म प्रमोशन भी मिलेगा। प्रशिक्षण के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जायेगा। खेल विश्व विद्यालय की स्थापना भी हो चुकी है, जहां पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग एवं खेल की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां पर ग्रामीण प्रतिभागिओं को निखरने का मौका मिलेगा। वे विश्व स्तर के खिलाड़ी बन सकेंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मोरहाबादी में स्थित बिरसा फुटबाॅल स्टेडियम में 5वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता के समापन समारोह के अवसर पर कहीं।
मुख्यमंत्री ने इस प्रतियोगिता में भारत के कुल 23 विभिन्न प्रदेशों, केन्द्रीय असैनिक बलों एवं केन्द्र शासित राज्यों के कुल 308 पुरुष एवं महिला प्रतिभागियों द्वारा कौशल प्रदर्शन किये जाने पर बधाई दी। कौशल प्रदर्शन कर वे लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत बने हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के कंधों पर अपराध नियंत्रण के साथ ही विधि व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेवारी होती है। इन चुनौतियों के बावजूद अखिल भारतीय स्तर की प्रतियोगिता में एकाग्र रहना बड़ी बात है।