COPYRIGHT © Rajiv Mani, Journalist, Patna

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रविवार, 20 नवंबर 2016

कानपुर रेल दुर्घटना में बिहार के मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये व गंभीर रूप से घायलों को पचास हजार रुपय मिलेंगे : नीतीश

 संक्षिप्त खबरें 
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश के कानुपर के पास पुखरायां में हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल दुर्घटना को दुखद बताते हुये इस रेल दुर्घटना में बिहार के रहने वाले मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये अनुग्रह अनुदान एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के परिजनों को पचास हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की है।
ज्ञात हो कि नोटबंदी के बाद बिहार के मजदूर, जो दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैं, काम बंद हो जाने के कारण बड़ी संख्या में अपने घर लौटने लगे हैं। साथ ही शादी-ब्याह का मौसम है। ऐसे में यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस ट्रेन से काफी संख्या में बिहार के लोग अपने-अपने घरों को लौट रहे थे।

BOGSCON-2016 का उद्घाटन

पटना : ‘‘मौजूदा वर्ष को कन्या शिशु वर्ष घोषित किया गया है, इसलिए कन्याओं की स्वास्थ्य रक्षा हम सबका दायित्व है। महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का व्यापक प्रदर्शन कर रही हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि मानव-जाति एवं मानव सभ्यता के विलुप्त होने की संभावना के खिलाफ हमारा शंखनाद है।’’ उक्त उद्गार महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने स्थानीय होटल मौर्या में आयोजित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण संस्था Patna Obstetric & Gynecological Society, Patna के 25वें द्विवार्षिक सम्मेलन 'BOGSCON-2016' का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये।
उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जब एक किशोरी को कम उम्र की शादी एवं कम अन्तराल पर ज्यादा बच्चा जनने के खतरों के प्रति आगाह कर दिया जाएगा, तो भविष्य खुद सुरक्षित हो जायेगा। इस संबंध में पुरुष-वर्ग से भी पर्याप्त सहयोग एवं संवेदनापरक व्यवहार की अपेक्षा है। सामाजिक हैसियत एवं पुत्र पाने की अभिलाषा भी कन्या भ्रूण-हत्या की समस्या को गहन कर रही है। जबकि सच्चाई यह है कि आधुनिक भारतीय संदर्भ में पुत्र एवं पुत्री में विभेद की परम्परा आज अत्यन्त अप्रासंगिक, अनैतिक एवं अनुचित सिद्ध हो रही है। समाज के हर प्रक्षेत्र में नारियां पुरुषों से ज्यादा बेहतर रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे परिवेश में यह आवश्यक है कि बालिका-भ्रूण की रक्षा के प्रति जन-जागरूकता विकसित की जाय और मौजूदा कानूनी प्रावधानों को भी सख्ती से लागू किया जाये।
कार्यक्रम को कटक से आये डाॅ. पीसी महापात्रा, ‘यूनीसेफ’ के बिहार-प्रमुख श्री यामीन मजुमदार, संस्था की नव-निर्वाचित अध्यक्ष डाॅ. आभा रानी सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष डाॅ. कुमकुम सिन्हा, डाॅ. अमृता शरण, डाॅ. विनीता सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न महिला चिकित्सकों को पुरस्कृत भी किया गया तथा ‘स्मारिका’ भी लोकार्पित की गई।

Historic Patna Series-III पुस्तक का लोकार्पण

पटना : राजभवन सभागार में महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने डाॅ. एमआर काजमी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी एम. कुमार द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक "Historic Patna Series-III" को लोकार्पित किया। पुस्तक का लोकार्पण करते हुए श्री कोविन्द ने कहा कि पटना नगर की ऐतिहासिकता, समृद्ध विरासतों और सांस्कृतिक वैभव की बड़ी उत्कृष्ट प्रस्तुति इस पुस्तक में की गई है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में कई दुर्लभ पुराने छायाचित्रों को भी संग्रहित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पटना नगर के बारे में कई ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में लेखक-द्वय ने शोधपरक तरीके से विषयवस्तु का उपस्थापन किया है। राज्यपाल ने कहा कि पटना की खुदाबख्श लाइब्रेरी, पटना विश्वविद्यालय की सेन्ट्रल लाइब्रेरी, सिन्हा लाइब्रेरी, केजी जायसवाल इंस्टीच्यूट, गांधी संग्रहालय, बिहार रिसर्च सोसाइटी, पटना संग्रहालय, अभिलेखागार आदि संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण करते हुए इन्हें बिहार की ऐतिहासिक समृद्धि पर आधारित शोध-कार्यों को बढ़ावा देने में उन्मुख होना चाहिए। कार्यक्रम में दोनों लेखकों - एम. कुमार एवं डाॅ. एमआर काजमी द्वारा पुस्तक की उपयोगिता एवं सार्थकता पर विचार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव डाॅ. ईएलएसएन बाला प्रसाद, डाॅ. आरएन सिंह, कमलेश, विजय कुमा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।